बिहार भूमि न्यायाधिकरण, पटना में आपका स्वागत है।
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ लगभग 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। भूमि राज्य का एक महत्वपूर्ण संसाधन है और इसी कारण भूमि से संबंधित विवाद भी बड़ी संख्या में उत्पन्न होते हैं।
भूमि विवादों के कारण सामाजिक एवं आर्थिक विकास प्रभावित होता है। इन विवादों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से बिहार भूमि न्यायाधिकरण का गठन किया गया है, ताकि नागरिकों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
यह न्यायाधिकरण विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों सहित सभी नागरिकों को न्याय तक सरल एवं प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Dr. C. Ashokvardhan
Hon'ble Administrative Member
Bihar Land Tribunal