राज्य में सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे तथा हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ
राज्य में ₹16,700 करोड़ से अधिक की लागत से 366.75 किमी लंबाई के 5 राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित किए जा रहे हैं।
- पटना – गया – डोभी — 130 किमी | लागत ₹6,001 करोड़
- बख्तियारपुर – मोकामा — 44.60 किमी | लागत ₹1,183 करोड़
- औटा – सिमरिया — 8.15 किमी | लागत ₹1,870 करोड़
- अरवल – जहानाबाद – बिहारशरीफ — 90 किमी | लागत ₹2,280 करोड़
- छपवा – बेतिया – बगहा — 94 किमी | लागत ₹5,850 करोड़
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क
राज्य में ₹1,18,850 करोड़ की लागत से 1,626 किमी लंबाई के 5 प्रमुख एक्सप्रेस-वे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय और अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
- रक्सौल – हल्दिया एक्सप्रेस-वे — 404 किमी | लागत ₹26,704 करोड़
- गोरखपुर – सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे — 417 किमी | लागत ₹29,724 करोड़
- वाराणसी – कोलकाता एक्सप्रेस-वे — 177 किमी | लागत ₹11,206 करोड़
- पटना – पूर्णिया एक्सप्रेस-वे — 245 किमी | लागत ₹28,415 करोड़
- बक्सर – भागलपुर एक्सप्रेस-वे — 380 किमी | लागत ₹22,800 करोड़
हाई स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क
राज्य में ₹48,213 करोड़ की लागत से 1,030 किमी लंबाई के हाई स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।
- पटना – बेतिया कॉरिडोर — 170 किमी | लागत ₹10,022 करोड़
- मोकामा – मुंगेर – मिर्जाचौकी कॉरिडोर — 203 किमी | लागत ₹9,822 करोड़
- आमस – दरभंगा – जयनगर कॉरिडोर — 266 किमी | लागत ₹10,483 करोड़
- नौगछिया – भागलपुर – हंसडीहा कॉरिडोर — 83 किमी | लागत ₹3,335 करोड़
- मेहरौना – सिवान – मशरख – चकिया – शिवहर – सीतामढ़ी – भिट्ठा मोड़ कॉरिडोर — 236 किमी | लागत ₹10,330 करोड़
- पूर्णिया – नारायणपुर – साहेबगंज कॉरिडोर — 70 किमी | लागत ₹4,221 करोड़
वर्ष 2027 तक बिहार के किसी भी कोने से साढ़े तीन घंटे में पटना पहुँचने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है ।