बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 के अंतर्गत बिहार में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार मुफ़्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करना, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा राज्य में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन करना है।
भूमि प्रोत्साहन
- ₹100 करोड़ के निवेश और कम से कम 1000 रोजगार सृजन पर 10 एकड़ तक मुफ़्त भूमि का प्रावधान।
- ₹1000 करोड़ के निवेश पर 25 एकड़ तक मुफ़्त भूमि उपलब्ध।
- Fortune 500 कंपनियों के लिए 10 एकड़ तक मुफ़्त भूमि का प्रावधान।
- अन्य औद्योगिक इकाइयों को BIADA की दरों पर 50% तक छूट प्रदान की जाएगी।
वित्तीय प्रोत्साहन विकल्प
निवेशकों को उनकी परियोजना के अनुरूप निम्नलिखित विकल्पों में से चयन करने का अवसर दिया गया है:
- विकल्प 1: अधिकतम ₹40 करोड़ तक ब्याज अनुदान तथा 100% SGST प्रतिपूर्ति।
- विकल्प 2: 300% NET SGST प्रतिपूर्ति, जो अधिकतम 14 वर्षों तक उपलब्ध होगी।
- विकल्प 3: परियोजना लागत का 30% तक पूंजी अनुदान।
मुख्य प्रोत्साहन
- वस्त्र इकाइयों के लिए: प्रति कर्मचारी ₹5000 प्रति माह तक सहायता तथा 300% ESI/EPF प्रतिपूर्ति।
- अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए: प्रति कर्मचारी ₹2000 प्रति माह तक सहायता तथा 100% ESI/EPF प्रतिपूर्ति।
अन्य प्रोत्साहन
- निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 14 वर्षों तक प्रोत्साहन (अधिकतम ₹40 लाख प्रति वर्ष)।
- कौशल विकास के लिए प्रति कर्मी ₹20,000 तक सहायता।
- पर्यावरण अनुकूल उपायों के लिए 25% तक प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹1 करोड़)।
- नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग के लिए 20% तक सहायता (अधिकतम ₹6 लाख)।
- कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) सहायता, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के समन्वय का भी प्रावधान।
बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी, 2025
बंद उद्योगों को फिर से चालू करने के लिए नया अवसर
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने औद्योगिक विकास को नई दिशा देने हेतु "BIADA एमनेस्टी पॉलिसी, 2025" जारी की है। इसका उद्देश्य
रद्द किए गए औद्योगिक प्लॉटों पर चल रहे विवादों को सुलझाना, बंद/आंशिक-क्रियाशील इकाइयों को पुनर्जीवित करना तथा बिहार में औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
नीति की प्रमुख बातें
- यह नीति एकमुश्त (One Time) अवसर है, जिसका लाभ 31 दिसम्बर 2025 तक लिया जा सकता है।
- यह नीति उन सभी आवंटियों के लिए लागू होगी जो स्वेच्छा से इसका लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।
- सभी लाभुकों को नए उद्यमियों की तरह उद्योग स्थापित /पुनर्जीवित करने का अवसर मिलेगा।
- उद्यमी योजनांतर्गत लाभुक खुद उद्यम चला सकते हैं अथवा उत्पाद में परिवर्तन/ट्रांसफर कर सकते हैं।
मुख्य प्रावधान
पात्रताः सभी रद्द इकाइयों (सिवाय उन मामलों के जहाँ तीसरे पक्ष को भूमि आवंटित की जा चुकी है)।
आवेदन प्रक्रियाः इकाइयाँ शपथ पत्र, आवश्यक दस्तावेज़ और शुल्क के साथ ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन करेंगी।
- BIADA 3 कार्य दिवस में सैद्धांतिक स्वीकृति देगा।
- इसके बाद आवेदक को लंबित न्यायालय मामलों को वापस लेना होगा तथा BIADA के शुल्क को भरना होगा।
- आवेदक की सभी औपचारिकताएँ पूरी होने पर BIADA द्वारा 7 कार्य दिवस में अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
शुल्क एवं चार्जेज़
- प्रशासनिक शुल्कः इकाई को भूखण्ड दर का 1 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क देना होगा
रफ़्तार पकड़ चुका है बिहार हर घर उद्यमी, हर घर रोजगार