प्रवेशिकोत्तर में पढ़ने वाले अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिये योजना, गैर योजना तथा केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत् प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना संचालित है। इस योजना के तहत् मान्यता प्राप्त महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/संस्थान में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप छात्रवृत्ति के तहत अनुरक्षण भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2018-19 में अनु0 जाति के लिए रु0 6575.00 लाख एवं अनु0 जनजाति के लिए रु0 618.00 लाख की राशि आवंटित की गई है।
विद्यालय छात्रवृत्ति:
राज्य के सरकारी, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त, स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में वर्ग-1 से 10 तक में अध्ययनरत सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/ छात्राओं को विद्यालय छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वर्ष 2018-19 में योजना मद से अनु0 जाति के लिए रु0 36861.28 लाख एवं अनु0 जनजाति के लिए रु0 8052.72 लाख की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधावृत्ति योजना:
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से दसवीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं कों मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधावृत्ति योजना के तहत् रु0 10000.00 (दस हजार रू0) देने की योजना 2008-09 से प्रारंभ की गई है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से दसवीं की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं को रु0 8000/- की दर से एवं 12 वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्राओं को क्रमशः रु0 15000/- एवं रु0 10000/- प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।वर्ष 2018-19 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से दसवीं की परीक्षा में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं कों मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधा वृत्ति योजना के तहत् अनु0 जाति के लिए रु0 10161.12 लाख एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं के लिए रु0 1268.44 लाख की राशि आवंटित की गई है।