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SC and ST Welfare Department

मुख्य योजनाएँ

अनु० जनजाति के लिये विशेष योजना

(१) अनु0 जनजाति के लिये विशेष केन्द्रीय सहायता:

इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष राशि उपलब्ध करायी जाती है। इसमें बी0पी0एल0 के नीचे के अनु0 जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक विकास हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है।

(२) संविधान की धारा २७५ (१):

इस योजना के तहत जनजाति क्षेत्र के आधारभूत संरचना विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करायी जाती है।

(३) थारु अनु0 जनजाति विकास :

बिहार में थारु जाति को अनु0 जनजाति में वर्ष २००३ में सम्मिलित किया है। इस थारु जनजाति के विकास के लिए विशेष रुप से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। वर्ष २००८ -०९ से ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिए कुल रु० १२५ करोड़ की योजना की स्वीकृति दी गयी है।

(४) अनु0 जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, २००६, नियम २००८ एवं संशोधित नियम २०१२ :

अनु० जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, २००६, नियम २००८ एवं संशोधित नियम २०१२ को राज्य के अनु० जनजाति बहुल जिलों में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस अधिनियम के प्रावधानों के सफल कार्यान्वयन एवं कार्य योजना तैयार करने, अर्हता प्राप्त व्यक्तियों को पट्टा दिये जाने एवं अन्य सामुदायिक सुविधाओं को पहुँचाने तथा त्वरित कारवाई करने हेतु संबंधित जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को कार्यशाला सह प्रशिक्षण के माध्यम से राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है।

(५) आदिम जनजाति (PTG) का सर्वेक्षण एवं विकास:

राज्य के आदिम जनजाति (PTG) का सर्वेक्षण मानव शास्त्र विभाग, विनोवा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग द्वारा कराया गया है। साथ ही संरक्षण-सह-विकास (CCD) योजना तैयार की गई हैं।