राज्य में खनन राजस्व प्राप्ति का मुख्य स्रोत खनिजों से प्राप्त स्वामिस्व, खनन पट्टों की स्वीकृति, भण्डारण अनुज्ञप्ति की नवीकरण हेतु जमा किये गये शुल्क, पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति, आवेदन शुल्क, नियत लगान एवं भूतल लगान है। वित्तीय वर्ष 2023-24 तक विभिन्न प्रमुख खनिजों से निम्न प्रकार खनन राजस्व (औपबंधिक) प्राप्त हुआ है –
| खनिज |
वित्तीय वर्ष 2022-23
(कुल समाहरण) |
वित्तीय वर्ष 2023-24 |
| वृहत् खनिज |
7.59 |
8.31 |
| लघु खनिज |
| बालू |
1384.47 |
1558.16 |
| कार्यविभाग |
857.93 |
1115.77 |
| पत्थर / क्रशर |
73.48 |
71.48 |
| ईंट |
77.94 |
48.93 |
| मोरम |
0.00 |
0.00 |
| मिट्टी |
22.11 |
21.10 |
| दण्ड / अन्य |
301.20 |
212.68 |
| निलामपत्र / अनिलामपत्र |
5.01 |
7.45 |
| कुल योगः- |
2729.73 |
3114.79 |
विगत पाँच वर्षों में खनन राजस्व की प्राप्ति निम्न प्रकार रही –
| REVENUE COLLECTION
(In Crores of Rupees)
|
| Year |
Target |
Collection |
Percentage |
| 2019-20 |
1600.00 |
1616.25 |
101.02% |
| 2020-21 |
1600.00 |
1708.93 |
106.81% |
| 2021-22 |
2450.00 |
1906.08 |
77.80% |
| 2022-23 |
3000.00 |
2729.73 |
90.99% |
| 2023-24* |
3300.00 |
3114.79 |
94.38% |
(* Collection figure till March, 2024)