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Mines and Geology Department

Achievements

Departmental Achievements

वर्ष 2023-24 में खान एवं भूतत्व विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

1. समाहरण
राज्य विभाजन के उपरांत बिहार में बालू एवं पत्थर ही मुख्य खनिज के रूप में शेष रह गये थे। विभाजन के पश्चात् वित्तीय वर्ष 2001-02 में खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा 41 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रह किया गया था। विभाग के अथक प्रयास से वित्तीय वर्ष 2009-10 में कुल 263.00 करोड़ रूपये एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 में उल्लेखनीय 2729.73 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहण हुआ था। साथ वित्तीय वर्ष में माह 2023-24 में कुल 3114.79 करोड़ रूपये की राजस्व संग्रहण की जा चुकी है, अर्थात गत् वर्ष की वसूली की तुलना में  2023-24 में 385.06 करोड़ रूपये अधिक वसूली हो चुकी है।
2. लघु खनिज
(क)  पत्थर के खनन पट्टे  :- वित्तीय वर्ष 2023-2024 में संचालित पत्थर खनन पट्टों की सख्यां-10 है, जिसमें से 02 खनन पट्टों की अवधि वर्ष 2024 में समाप्त हो रही है।  
(ख)

बालू - बालू सबसे महत्वपूर्ण निर्माण सामग्रियों में से एक है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। बालू का महत्वपूर्ण श्रोत नदी है। बिहार बालू खनन नीति 2019 अधिसूचना संख्या-2650 दिनांक 14-08-2019 द्वारा राज्य में लागू है। माननीय उच्च्तम न्यायालय द्वारा दिनांक- 10.11.2021 को पारित अंतरिम आदेश के आलोक में राज्य के सभी जिलों में अनुमंडलस्तरीय समिति द्वारा जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन तैयार किया गयाजिसे राज्य पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकार (SIEAA)  द्वारा अनुमोदित किया गया है। जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में चिन्हित बालूघाटों की आगामी पाँच वर्षो की बंदोबस्ती हेतु नीलामी की प्रक्रिया जिला समाहर्त्ता द्वारा की जा रही हैजिसमें अब तक 367 बालूघाटों की नीलामी सम्पन्न हो चुकी है। 216 बालूघाटों के संचालन हेतु पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है एवं विभिन्न नदियों पर सृजित 152 बालूघाटों का संचालन प्रारंभ हो चुका है।

(ग) ईंट-भट्ठा :- बिहार में ईंट सत्र 2023-24 में विभिन्न जिलों में स्थायी चिमनी से ईंट का निर्माण कार्य किया गया, जिससे 4082 लाख रूपये माह जनवरी 2024 तक स्वामिस्व के रूप में प्राप्त हुआ। 
(घ)

अवैध खनन एवं परिवहनः-

राज्य सरकार अवैध खनन/परिवहन/भण्डारण पर प्रभावी रोक लगाने हेतु कृत संकल्पित है। अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। 

बिहार पहला राज्य है, जिसने अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण को रोकने एवं इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु सख्त दण्डात्मक प्रावधान किये हैं। इस हेतु बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण निवारण) (संशोधन) नियमावली, 2021, दिनांक 05-07-2021 को अधिसूचित की गई है, जिसमें अवैध खनन/परिवहन में संलिप्त वाहनों के लिए शमन शुल्क (दण्ड शुल्क) 25 हजार से 4.00 लाख रुपया एवं खनिज मूल्य स्वामिस्व का 25 गुणा जुर्माना के रूप में लिये जाने का तथा प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान है। जप्त सामग्री/वाहनों के लिए शमन शुल्क (दण्ड शुल्क) की राशि एक माह के अन्दर नहीं जमा करने पर इन्हें राजसात (अधिहरित) कर नीलामी का भी प्रावधान है। इससे अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिली है। साथ ही गंगा एवं सोन नदियों में अवैध खनन एवं परिवहन पर निगरानी हेतु मोटर बोट से भी छापेमारी की जा रही है। अवैध खनन की रोकथाम हेतु विभिन्न जिलों में चेक-पोस्ट स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। 

अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोक-थाम के लिए समाहर्त्ता की अध्यक्षता में प्रत्येक जिला में टास्क फोर्स गठित है। टास्क फोर्स द्वारा नियमित रूप से जाँच/छापेमारी की जाती है। राज्यान्तर्गत वित्तीय वर्ष (2023-24) में 01.04.2023 से 31.01.2024 तक कुल 20753 छापामारी, 3120 प्राथमिकी, 1450 अवैध उत्खननकर्त्ताओं/परिवहनकर्ताओं की गिरफ्तारी एवं कुल 13609 वाहनों को जप्त किया गया हैजिसके फलस्वरूप दण्ड के रूप में कुल 211.82 करोड़ रूपये की वसूली की गई है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम पर प्रभावी रोक लगाने हेतु मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित है। इसके माध्यम से क्षेत्र से प्रतिदिन किये गये कार्रवाई का प्रतिवेदन प्राप्त किया जाता है एवं समीक्षोपरान्त आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

विगत तीन वर्षों में अवैध खनन/परिवहन के विरूद्ध की गई कार्रवाई से प्राप्त वसूली/जुर्माना की विवरणी निम्नवत है :-

क्र0         

वर्ष   

छापामारी

प्राथमिकी

गिरफ्तारी

वसूली

¼रूलाख में)

1

2021-22

16504

3175

1760

165.12

2

2022-23

22962

4437

2441

299.00

3

2023-24*

20753

3120

1450

211.82

*(माह जनवरी 2024 तक)

3. वृहत खनिज

बिहार राज्य में वृहद् खनिज चूना पत्थर का 01 खनन पट्टा रोहतास जिला में संचालित है। वर्ष 2023-24 में माह जनवरी-2024 तक वृहत् खनिज से कुल 6.33 करोड़ रूपये स्वामिस्व के रूप में प्राप्त हुआ है। 

जमुई जिला में मैग्नेटाईट (लौह अयस्क) का दो ब्लॉक, रोहतास/कैमूर जिला में ग्लूकोनाइट (पोटाश ) के छः ब्लॉक, गया/औरंगाबाद जिला में क्रोमियम, निकेल तथा प्लैटिनम ग्रुप ऑफ एलिमेंट्स के एक ब्लॉक, मुंगेर जिला में बॉक्साइट एवं विरल मृदा धातु (सामरिक खनिज) का एक ब्लॉक, रोहतास जिला में चूना पत्थर का एक ब्लॉक एवं गया/जहानाबाद जिला में वेनेडियम युक्त मैग्नेटाइट-इलमेनाइट का एक ब्लॉक अर्थात वृहत खनिज के कुल 12 (बारह) खनिज ब्लॉक भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को आवंटित किये गये है। इन 12 खनिज ब्लॉक में से 09 सामरिक एवं महत्वपूर्ण खनिज युक्त ब्लॉक की नीलामी भारत सरकार द्वारा की जायेगी। शेष 03 ब्लॉक यथाः- जमुई जिलान्तर्गत लौह खनिज के 02 ब्लॉक एवं रोहतास जिलान्तर्गत चूना पत्थर के 01 ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा की जा रही है। 
4. अन्य उपलब्धियाँ
      

बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेषन लि0 द्वारा राज्यान्तर्गत MSME अन्य छोटे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कोयले का वितरणः- राज्य सरकार द्वारा राज्य में लघुमध्यम एवं अन्य उद्योग इकाइयों तथा अन्य छोटे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कोयले की आपूर्ति हेतु 31.03.2025 तक के लिए बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेषन लि0 द्वारा राज्यान्तर्गत डैडम् एवं अन्य छोटे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कोयले का वितरणः- राज्य सरकार द्वारा राज्य में लघुमध्यम एवं अन्य उद्योग इकाइयों तथा अन्य छोटे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कोयले की आपूर्ति हेतु 31.03.2025 तक के लिए बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेषन लि0 को  SNA(राज्य नामित एजेंसी ) नामित किया गया है। 
राज्यान्तर्गत वैसी इकाइयांँ,जिनकी वार्षिक खपत 10,000 मि0 टन तक है एवं कोल इंडिया लि0 या उसकी किसी अनुषांगिक कंपनी के साथ FSA (Fuel Supply Agreement) नहीं हैबिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेषन लि0 के माध्यम से कोयला खरीद सकती है। बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेषन लि0 द्वारा BCCL एवं ECL के साथ FSA किया जाता है एवं कोयले का ई-वितरण तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी Mjunction Service Limited के माध्यम से किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में 1,07,403 मि0 टन कोयले का आवंटन किया गया है। इस हेतु वर्तमान में क्लीनर टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने वाली ईंट-भट्ठा इकाइयों को अधिसूचित मूल्य पर कोयले की आपूर्ति कराये जाने की व्यवस्था है।

सूचना एवं प्रोद्यौगिकी का प्रयोगः- खनन विभाग में व्यापक स्तर पर सूचना प्रोद्यौगिकी का प्रयोग किया जा रहा हैजिसके फलस्वरूप राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि के साथ-साथ अवैध खनन पर प्रभावकारी नियंत्रण स्थापित किया गया है। 

नियंत्रण कक्षः- अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम पर प्रभावी रोक लगाने हेतु मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से क्षेत्र से प्रतिदिन किये गये कार्रवाई का प्रतिवेदन प्राप्त किया जाता है एवं समीक्षोपरांत आवश्यक निदेश दिये जाते हैं।

जिला खनिज निधि -: खनिज क्षेत्र के विकास के लिए District Mineral Foundation Rules 2018 अधिसूचित किया जा चुका है। इसके तहत् प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) का कार्यान्वयन कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्धेश्य राज्य के प्रत्येक जिला में दुर्गम एवं सुदूर खनिज क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों विशेषकर अनु0 जाति/अनु0 जनजाति एवं कमजोर तथा वंचित वर्ग की आवश्यकताओं/कल्याण को विशेष विकास योजनाओं के माध्यम से पूरा किये जाने के साथ खनिज क्षेत्रों को केन्द्र/राज्य स्थानीय स्कीमों का समागम/सामंजस्य कर आधारभूत संरचना का विकास करना है। इस कोष में माह नवम्बर 2023 तक कुल 137.09 करोड़ रूपये संचयित हैं। सभी जिलों में इस योजना के तहत् माह नवम्बर2023 तक राज्यान्तर्गत विभिन्न जिलों द्वारा कुल 188 परियोजनाओं का चयन करते हुए कुल 63.32 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई हैजिसमें से परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कुल 40.28 करोड़ रूपये राषि का व्यय किया जा चुका है।  
 

आधुनिकीकरणः-

  • विभाग के कार्यों में पारर्दिर्शता लाने एवं बेहतर ससमय सेवा देने हेतु लघु खनिज भण्डारण अनुज्ञप्ति/नवीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया को 06.01.2021 से ऑन लाईन कर दी गई है। 
  • बालू घाटा/पत्थर भू-खंडों की बन्दोबस्ती ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाती है।
  • वर्ष 2017 से ही खनिजों के परिवहन हेतु ई-चालान का सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया है।
  • सूचना एवं प्रावैद्यिकी का प्रयोग खनन विभाग में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि के साथ-साथ अवैध खनन पर प्रभावकारी नियंत्रण स्थापित किया जायेगा। कम्प्यूटराईजेशन का प्रयोग विभाग में व्यापक स्तर पर प्रारम्भ किया गया है।
  • खान एवं भूतत्व विभाग में खनिजों के उत्पादन, परिवहन, भण्डारण, अवैध खनन की रोकथाम आदि के बेहतर आई0टी0 प्रबंधन एवं ई-चालान निर्गमन की प्रक्रिया पारदर्षी एवं प्रभावकारी तरीके से संपादित करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) की सेवा इन्टीग्रेटेड माईनिंग मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (IMMIS)  के विकास, अधिष्ठापन एवं कार्यान्वयन हेतु 5 वर्षो के लिए लिया गया है। साथ ही, विभाग द्वारा GPS based VLTS(Vehicle Location Tracking System),Integrated Weigh Bridge, Geo-Fencing एवं Integrated Check Post की स्थापना एवं क्रियान्वयन की जा रही है ताकि प्रभावकारी तरीके से अवैध खनन पर अंकुश  लग सके। विभाग अवैध खनन के पूर्णरूपेण रोकथाम हेतु दृढ़ संकल्पित है।