Welcome to the Official Web Site of Bihar
Site Name

Panchayati Raj Department

Gram Sabha

विषय सूची

1.ग्राम सभा के सदस्य और बैठक
2.बैठक की अवधि
3.बैठक की सूचना
4.बैठक की अध्यक्षता
5.बैठक का कोरम  
6.विचारणीय विषय
7.कार्य
8.निगरानी समिति
9.ग्राम सभा से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु

1. ग्राम सभा-: 

ग्राम सभा के सदस्य और बैठक-: ग्राम सभा का क्षेत्र एक सम्पूर्ण ग्राम पंचायत होता है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी व्यक्ति जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो ग्राम सभा के सदस्य होते हैं।

2. बैठक की अवधि

बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-3 के अन्तर्गत ग्राम सभा की बैठक हर तीन महीने में एक बार होनी आवष्यक है। अर्थात् दो ग्राम सभा के बीच की अवधि तीन माह से अधिक का नहीं होना चाहिए। एक कैलेण्डर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक) में न्यूनतम चार ग्राम सभा आयोजित किया जाना अनिवार्य है। आवश्यकतानुसार ग्राम सभा चार से अधिक आयोजित किया जा सकता है। इसे आसानी से याद रखने के लिए बैठक प्रमुख राष्ट्रीय दिवस/अन्तर्राष्ट्रीय दिवस को आयोजित का सुझाव दिया गया है।

एक कैलेंडर वर्ष में न्यूनतम .... बैठकें अनिवार्य हैं।
आवश्यकतानुसार इससे अधिक भी हो सकती हैं।

सुझावित तिथियाँ (राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय दिवस):

  • 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
  • मार्च – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
  • 01 मई – मजदूर दिवस
  • 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस
  • 02 अक्तूबर – गांधी जयंती
  • 14 नवंबर – बाल दिवस

धारा-4 की उप धारा (3) के अनुसार ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की जिम्मेदारी मुखिया की है। ग्राम सभा की बैठक मुखिया द्वारा नहीं बुलाये जाने की स्थिति में पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी (बी.डी.ओ.) को जानकारी मिलने पर वह बैठक बुलवा सकता है। कोई ग्रामीण (मतदाता) द्वारा बी.डी.ओ. को सूचना देने पर भी बी.डी.ओ. बैठक आयोजित करेगा। कार्यपालक पदाधिकारी बैठक में भाग लेने हेतु स्वयं या अपने स्थान पर किसी सरकारी सेवक की प्रतिनियुक्ति कर सकते हैं।

3. बैठक की सूचना

बैठक की सूचना डुगडुगी बजाकर, लाऊडस्पीकर से और ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट पर नोटिस चिपकाकर या अन्य माध्यमों से आम जनता को दिया जाना आवष्यक है।

सूचना निम्न तरीकों से दी जानी चाहिए:

  • डुगडुगी बजाकर
  • लाउडस्पीकर से
  • ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट पर नोटिस चिपकाकर
  • अन्य माध्यमों से

4. बैठक की अध्यक्षता

ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता उस ग्राम पंचायत का मुखिया और उसकी अनुपस्थिति में उप मुखिया करता है।

5. बैठक का कोरम (Quorum)

ग्राम सभा की बैठक का कोरम कुल सदस्यों की संख्या के बीसवें भाग अर्थात् 5 प्रतिषत की उपस्थिति से पूरा होने का प्रावधान है। अगर कोरम के अभाव में बैठक स्थगित हो जाती है तो उसके बाद की बैठक बुलाने पर कुल सदस्यों की संख्या के चालीसवें भाग यानि 2.5 प्रतिषत की उपस्थिति से कोरम पूरा होने का प्रावधान है। उदाहरणार्थ अगर किसी ग्राम सभा के सदस्यों (मतदाताओं) की संख्या 2,000 या 2,500 या 3,000 है तो कोरम निम्न प्रकार पूरा होगा।

ग्रामसभा के सदस्यों की संख्या प्रथम बैठक (5%) स्थगित बैठक (2.5%)
2000 100 सदस्य 50 सदस्य
2500 125 सदस्य 63 सदस्य
3000 150 सदस्य 75 सदस्य

कोरम पूरा नहीं होने पर ग्राम सभा की बैठक का निर्णय मान्य नहीं होगा। अर्थात् ग्राम सभा बैठक में कोरम का पूरा होना हर हाल में अनिवार्य है।

6. विचारणीय विषय

ग्राम सभा में विचारणीय विषय एवं कार्य निम्नवत् है:-

  • वार्षिक लेखा-जोखा पर चर्चा
  • पिछले वित्तीय वर्ष का प्रशासनिक प्रतिवेदन
  • पिछली अंकेक्षण टिप्पणियाँ
  • अगले वर्ष का बजट
  • पिछले वर्ष के विकास कार्यों की समीक्षा
  • चालू वर्ष के प्रस्तावित विकास कार्यक्रम
  • निगरानी समिति की रिपोर्ट पर चर्चा

7. कार्य

1)   गाँव में किये जाने वाले विकास के कार्यों में सहायता करना।

(2)   गाँव के विकास स्कीमों का कार्यान्वयन करने के लिए लाभान्वित होनेवालों की पहचान करना; परन्तु यदि समुचित समय के भीतर ग्राम सभा लाभाविन्तों का चयन करने में विफल रहती है तो ग्राम पंचायत ऐसे लाभान्वितों की पहचान करेगी।

(3)   ग्राम पंचायत क्षेत्र में श्रमदान करके सहयोग देना।

(4)   गाँव के भीतर जन षिक्षा और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में सभी तरह के सहयोग देना ।

(5)   गाँव में समाज के सभी वर्गों के बीच एकता और सौहार्द बढ़ाना।

ग्राम सभा की बैठक में सदस्यों की सक्रिय भागीदारी पंचायत राज व्यवस्था को सुदृढ़ एवं ग्रामीण विकास को गति प्रदान कर सकती है। इसलिए ग्राम सभा के सदस्यों का ग्राम सभा की बैठक में जाना न केवल उनका अधिकार ही है, बल्कि उनकार् कत्ताव्य भी है। अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रत्येक ग्राम सभा के सदस्य को अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक रहना ग्राम पंचायत के चतुर्दिक विकास एवं सतत् प्रगति के लिए नितांत आवष्यक है। ग्राम सभा में सदस्यों के सक्रिय भागीदारी से ही पंचायतों का सर्वांगीण विकास संभव है और तब गाँधी का सपना ''ग्राम स्वराज हो अपना'' सफल होगा अन्यथा वह कमजोर होगा और पंचायती राज की अवधारणा संदिग्ध रहेगी। इसलिए यह माना जाता है कि ग्राम सभा पंचायती राज की आत्मा है और आत्मा की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का धर्म एवं कर्म होता है। ग्राम सभा में आमजन को ''आवाम'' के सम्पूर्ण विकास के संबंध में विचार करना चाहिए। ग्राम सभा में व्यक्तिगत आकांक्षाओं को तरजीह नहीं दिया जाना चाहिए। इस डपदकेमज को ग्राम सभा के माध्यम से बदला जा सकता है। अतएव अधिनियम के प्रावधानानुसार ग्राम सभा की नियमित बैठक अनिवार्य है।

8. निगरानी समिति

ग्राम पंचायत के कार्यों, योजनाओं अन्य कार्यकलापों चाहें वह व्यक्ति से सम्बन्धित हो या सामुदायिक विकास की योजनाएँ, जो उस ग्राम पंचायत से संबंधित हों, का पर्यवेक्षण करने एवं पर्यवेक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु ग्राम सभा आवश्यकतानुसार एक या एक से अधिक निगरानी समिति का गठन कर सकती है। ग्राम पंचायत का कोई निर्वाचित सदस्य निगरानी समिति का सदस्य नहीं हो सकता है। अतएव इस समिति के गठन से ग्राम पंचायत के कार्यों, उसके कार्यान्वयन, तथाकथित अपनायी गई अनियमितता एवं मनमानी पर रोक लगा सकेगी। ग्राम पंचायत के मतदाताओं में से ही इस समिति का गठन होगा और यह समिति अपना रिपोर्ट ग्राम सभा में रखेगी।

9. ग्राम सभा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु (प्रश्नोत्तरी शैली)

प्र0-1   ग्राम सभा क्या है?

ऊ0     ग्राम स्तर पर पंचायत के क्षेत्र के भीतर सम्मिलित किसी ग्राम से संबंधित मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों से मिलकर बना निकाय।

प्र0-2   ग्राम सभा की बैठक का आयोजन कब किया जाना है?

ऊ0     ग्राम सभा की बैठक 3 महीने में एक बार निश्चित रूप से आयोजित की जानी है।

प्र0-3   ग्राम सभा की बैठक बुलाने की जिम्मेवारी किसकी है?

ऊ0     ग्राम सभा की बैठक बुलाने की जिम्मेवारी मुखिया की है।

प्र0-4   मुखिया द्वारा ग्राम सभा की बैठक नहीं बुलाये जाने की स्थिति में ग्राम सभा के बैठक के आयोजन की क्या प्रक्रिया है?

ऊ0     यदि मुखिया द्वारा ग्राम सभा की बैठक नहीं बुलाई जाती है उस स्थिति में पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी की जानकारी में इस तथ्य के लाये जाने पर वह ऐसी बैठक बुला सकेगा।

प्र0-5   ग्राम सभा की बैठक हेतु कितनी गणपूर्ति (कोरम) आवश्यक है?

ऊ0     ग्राम सभा के किसी बैठक के लिए गणपूर्ति (कोरम) ग्राम सभा के कुल सदस्यों के 20वें भाग अर्थात् 5 प्रतिशत से पूरी होगी।

प्र0-6   ग्राम सभा की बैठक हेतु गणपूर्ति (कोरम) पूरा नहीं होने पर क्या किया जायेगा?

ऊ0     किसी बैठक के लिए नियत समय पर यदि गणपूर्ति (कोरम) नहीं होती हो, अथवा यदि बैठक आरंभ हो जाय और गणपूर्ति की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट किया जाय तो ऐसी स्थिति में पीठासीन पदाधिकारी एक घंटे तक प्रतीक्षा करेगा और यदि उस अवधि के भीतर भी गणपूर्ति नहीं होती हो तो पीठासीन पदाधिकारी उस बैठक को अगले दिन अथवा आने वाले किसी ऐसे दिन को ऐसे समय के लिए, जो उसके द्वारा निर्धारित किया जायेगास्थगित कर देगा। गणपूर्ति की कमी के चलते स्थगित ऐसी बैठक में यदि निर्धारित विषय पर विचार नहीं हो सका हो तो स्थगित बैठक की बाद की बैठक अथवा बैठकों के समक्ष उसे रखा और निष्पादित किया जायेगा जिसके लिए गणपूर्ति ग्राम सभा के कुल सदस्यों के 40वें भाग अर्थात् 2.5 प्रतिशत से पूरी होगी।

प्र0-7   ग्राम सभा की बैठक की अध्यक्षता कौन कर सकता है?

ऊ0     ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता संबंध्द ग्राम पंचायत का मुखिया और उसकी अनुपस्थिति में उपमुखिया करेगा।

  

प्र0-8   ग्राम सभा के विचारणीय विषय क्या हैं?

ऊ0     ग्राम सभा के विचारणीय विषय निम्नलिखित है :-

प्र0-9   संकल्प क्या है?

ऊ0     ग्राम सभा के जिम्मे जो विषय हैं उससे संबंधित संकल्प (त्मेवसनजपवद) ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित एवं मतदान में भाग लेनेवाले सदस्यों के बहुमत से पारित किये जाने का प्रावधान है।

प्र0-10  ग्राम सभा के जिम्मे कौन-कौन से कार्य हैं?

ऊ0     ग्राम सभा निम्नांकित कृत्यों का सम्पादन करेगी :-

क.     गाँव से संबंधित विकास स्कीमों के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करना,

ख.     गाँव के विकास स्कीमों का कार्यान्वयन करने के लिए लाभाविन्त होने वालों की पहचान करना, परन्तु यदि समुचित समय के भीतर ग्राम सभा लाभान्वित होने वालों की पहचान करने में विफल रहती हो, तो ग्राम पंचायत ऐसे लाभाविन्तों की पहचान करेगी,

ग.     ग्राम पंचायत क्षेत्र में सामुदायिक कल्याण कार्यक्रम के लिए नकद या जिन्स में या दोनों रूपों में अंशदान और स्वैच्छिक श्रमदान करके सहयोग देना।

घ.     गाँव के भीतर जन शिक्षा और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में सभी तरह के सहयोग देना,

ड.     गाँव में समाज के सभी वर्गों के बीच एकता और सौहार्द बढ़ाना,

च.     ग्राम पंचायत के मुखिया, उप-मुखिया और सदस्यों से किसी विशिष्ट क्रियाकलापस्कीमआय और व्यय के संबंध में स्पष्टीकरण मांगना,

छ.     निगरानी समिति के प्रतिवेदन के संदर्भ में विचार-विमर्श करना एवं उपयुक्त कार्रवाई हेतु अनुशंसा करना,

ज.     राज्य सरकार या अधिनियम अथवा किसी अन्य कानून के अनुसार सौंपी गयी अन्य जिम्मेदारियों और कार्यों को पूरा करना।

प्र0-11  निगरानी समिति क्या है इसका कार्य और गठन कैसे होता है?

ऊ0     ग्राम पंचायतों के कार्यों, योजनाओं और अन्य कार्यकलापों चाहे वह व्यक्ति से संबंधित हो या सामुदायिक विकास की योजनाएँ, जो उस ग्राम से संबंधित हो, का पर्यवेक्षण करने एवं पर्यवेक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए ग्राम सभा एक या एक से अधिक निगरानी समितियाँ गठित कर सकेगी। इस समिति में कोई निर्वाचित व्यक्ति सदस्य नहीं होगा। ग्राम सभा की बैठक में ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा इसके सदस्यों का चयन होगा। इसके सक्रिय होने से ग्राम पंचायत में संभावित गड़बड़ी पर अंकुश लग सकेगा।

ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी आपका अधिकार भी है और कर्तव्य भी।
इससे ही पंचायती राज सशक्त बनेगा और ग्रामीण विकास संभव होगा।

Government of Bihar

Bailey Rd, Veerchand Patel Road Area, Patna, Bihar 800015

Total Visitors: 43004 No. of Active Users: 26

Content managed by :
Information and Public Relations Department, Govt. of Bihar
Suggestions if any, may be sent on - bihar.commonportal@gmail.com

Screen Reader | Website Policies | Help | © IPRD | Last Updated: 22-Aug-2026`