जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के नियमों के अंतर्गत इसे सरकार के द्वारा आवंटित कार्यों की नीतियों के निर्धारण के प्रभार में और इन नीतियों के कार्यान्वयन एवं समीक्षाओं के प्रभार में है। विभाग के प्रमुख प्रधान सचिव/ सचिव होते हैं जो कि विभाग के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में एवं सरकार के अधीन विभागीय मंत्री को सभी नीतियों एवं प्रशासन के मामले में मुख्य सलाहकार का काम करते हैं। इसके अधीन आवंटित कार्यो के पूर्णतया सक्षम रूप से कार्य करने हेतु विभाग निम्नलिखित शाखाओं में कार्यरत है और इनमें से प्रत्येक को आवंटित कार्य संक्षेप में निम्नवत् उल्लेखित है-
- प्रशासनिक शाखा: प्रशासनिक शाखा मुख्यतः निम्नलिखित कार्यों के प्रभार में है -
- विभाग के प्रशासनिक कार्य
- निगरानी संबंधी कार्य
- प्रशिक्षण
- संसदीय कार्य
- काडर प्रबंधन
- अभियंत्रण शाखा: योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु पूर्णतया प्रभार में जिसके लिए वर्तमान में तीन अभियंता प्रमुख हैं- अभियंता प्रमुख (मुख्यालय), अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) एवं अभियंता प्रमुख (बाढ नियंत्रण एवं जल निस्सरण)।
- अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) के अधीन मुख्य अभियंता, केन्द्रीय रूपांकण शोध एवं गुण नियंत्रण, पटना मुख्या अभियंता, समग्र योजना अंवेषण एवं प्रोजेक्ट प्रीपरेशन, पटना तथा मुख्य अभियंता योजना एवं मोनिटरिंग, पटना के रूप में तीन परिक्षेत्र कार्यरत हैं। साथ ही इसके द्वारा जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) फुलवारीशरीफ के कार्य का भी अनुश्रवण किया जाता है।
- अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) के अधीन मुख्य अभियंता, मोतिहारी, सिवान, दरभंगा, सहरसा, भागलपुर, नालन्दा, गया, औरंगाबाद तथा डिहरी के रूप में कुल नौ क्षेत्र परिक्षेत्र कार्यरत हैं।
- अभियंता प्रमुख (बाढ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) के अधीन मुख्य अभियंता, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, वीरपुर, कटिहार तथा पटना के रूप में कुल छः परिक्षेत्र कार्यरत हैं।