इस योजना का प्रारंभ वित्तीय वर्ष 2018–19 से किया गया है। वर्तमान में पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में आवासित हो कर अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र / छात्राओं को कॉट, मेज़, चादर, पढ़ने–पढ़ाने हेतु टेबल, कुर्सी, जेनरेटर, आरओओ वॉटर प्यूरीफायर, खेलकूद सामग्री, खाना बनाने हेतु बर्तन एवं स्टोव, पुस्तकालय–सह–डिजिटल अध्ययन केन्द्र इत्यादि की सुविधा दी जा रही है।
वर्तमान परिपेक्ष्य में छात्र / छात्राओं की शिक्षा के प्रति जागरूक कर उच्च शिक्षा दर में वृद्धि करने एवं छात्रावास संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एवं सुविधाओं में बेहतरी की आवश्यकताओं को देखते हुए इस योजना की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अन्तर्गत छात्रावासों में आवासित छात्र / छात्राओं को प्रतिमाह प्रति छात्र / छात्रा के दर से खाद्यान्न (9 किग्रा चावल एवं 6 किग्रा गेहूं प्रति छात्र / छात्रा) आपूर्ति की स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार के द्वारा निर्मित एवं लागू के आलोक में संबंधित छात्रावासों को खाद्यान्न की आपूर्ति हेतु स्टेट इंट्रीग्रेटेड योजना–2016 के तहत की जाती है। योजना अन्तर्गत औसतन पांच हजार छात्र / छात्राओं को प्रतिवर्ष लाभान्वित किया जा रहा है।